मुख्यमंत्री कहते है समाचार पत्रों में लिखी गई खबरों को गंभीरता से पढ़ो और गुनो लेकिन..

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि, मीडिया के साथ संवादहीनता अब पुरी तरह समाप्त हो जाना चाहिए। और तो और वे कहते है प्रमुख समाचार पत्रों में आलोचनात्मक और तथ्यात्मक खबरों को गंभीरता से संज्ञान में लिया जाना चाहिए और यदि खबर में सत्यता हो तो तुरंत कार्यवाही भी की जाना चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी को समाचार पत्रों अथवा वरिष्ठ पत्रकारों की सूचनाओं पर यकीन करने में अजीब सी बेचैनी होती है, जबकि मुख्यमंत्री की छबि को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव होने के नाते मनीष रस्तोगी की जवाबदेही सबसे ज्यादा है। आप यह जानकर चौक जाएंगे कि, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौैहान ने राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति को नेवरी में 208 पत्रकारों के आवास निर्माण के लिए बैंक में ऋण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए चार बार घोषणा की है। परन्तु मुख्यमंत्री द्वारा पत्रकारों के लिए की गई किसी भी घोषणा का क्रियान्वयन करने में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव होने के नाते भी मनीष रस्तोगी ने संवादहीनता को बरकरार रखा है और आज तक राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्यों को बैंक से ऋण लेकर मकान बनाने के लिए राजस्व विभाग में अनुमति एवं अनापāिा आदेश जारी नहीं किए है। नौबत यहां तक आ गई है कि, उपरोक्त 208 पत्रकारों ने निर्णय कर लिया है कि, जब बैंक से ऋण लेकर मकान बनाने की अनुमति नहीं है, मनीष रस्तोगी को इससे कोई मतलब नहीं है तो सरकार को भू-खण्ड वापिस कर दिया जाए और कहा जाए कि, 13 एकड़ भूखण्ड में 208 पत्रकार मकान तो नहीं बना पाए, लेकिन भू-भाटक देते-देते थक गए है। इसलिए मुख्यमंत्री द्वारा उपरोक्त भू-खण्ड को मनीष रस्तोगी को ही अलाट कर दिया जाए ताकि वे रिटायरमेन्ट के बाद उस पर मजे से घुड़सवारी करते रहे। पत्रकारों ने ऐसा इसलिए सोचा है, क्योकि मनीष रस्तोगी के लिए पत्रकारों से मुख्यमंत्री से बेहतर रिश्ते उन्हें अच्छे नहीं लगते। खबरची…