सड़क पर उतरकर, दुरूस्त करके चुनाव जीतेंगे शिवराज

संडे डायरी: विजय कुमार दास (मो. 9617565371)
लोक निर्माण विभाग के पास 6000 करोड़ का बजट उपलब्ध,गोपाल भार्गव ने बोला झूठ, लेकिन मुख्यमंत्री ने समझ लिया
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और 70 वर्ष के वयोवृद्ध लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव में इस बात को लेकर द्वन्द मचा हुआ है कि मध्यप्रदेश की 28 हजार कि.मी. की सड़केंजिनमें गड्ढ़ों की भरमार है। यूं कहा जाए कि 2003 दिग्विजय सरकार वाली स्थिति के नजदीक राज्य की सड़कों में गड्ढ़े ही गड्ढे है, उसे कैसे ठीक किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी के आम कार्यकर्ताओं का मत है कि, 6 महीनों के अंदर गड्ढे भरे नहीं गए तो 2023 का विधानसभा चुनाव में भाजपा को 100 सीट के उस पार निकलना मुश्किल होगा, क्योंकि गड्ढ़ों को लेकर माउथ पब्लिसिटी से सरकार की छवि खराब होने का डर है। इसी के चलते मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह तथा नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई को एक साथ सहमत करते हुए लोक निर्माण विभाग को उच्च तकनीकी के माध्यम से सड़कों के गड्ढे ठीक करने के लिए बकायदा टेंडर डाक्यूमेंट तैयार करवाया था और उसे पीडब्ल्यूडी के एसओआर पर तैयार करते हुए पब्लिक डोमेन में ऑनलाईन पोर्टल पर अपलोड कर दिया था। लेकिन लोक निर्माण विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव ने जानबूझकर उपरोक्त टेंडर में कमियां निकालते हुए उसे यह कहकर निरस्त कर दिया कि, लोक निर्माण विभाग के पास सड़कों को ठीक करने के लिए बजट नहीं है। गोपाल भार्गव की इस राजनैतिक कुचेष्ठा से व्यथित परसो शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुख्यमंत्री निवास पर मध्यप्रदेश की सड़कों की दशा को सुधारने के लिए विशेष बैठक बुलाई थी। उपरोक्त बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री भूपेन्द्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री सुरेश धाकड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजीत कैसरी, नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई तथा लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जबकि लोक निर्माण विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव को वर्चूअल इसलिए जोड़ा गया था कि, वह ठीक से समझ ले कि, मुख्यमंत्री की सड़कों के मामले में नीति और नियत क्या है। समझा जाता है कि, मुख्यमंत्री ने सड़कों को व्यापक रूप से दुरूस्त करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश उपरोक्त अति-महत्वपूर्ण बैठक में दिए है और लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग के गड्ढ़ों के मामले में समुचित प्रस्तावों पर विस्तार से विचार विमर्श भी किया। ताकि गोपाल भार्गव को विभाग की सच्चाई का पता चल जाए और वे सार्वजनिक मंचों पर कम से कम अपनी सरकार के बारे में झूठ ना बोले। समझा जा सकता है कि 3 घंटे चली इस विशेष बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव तथा लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव दोनों ने मुख्यमंत्री के सामने अपना-अपना पे्रजेनटेशन दिया और जब बजट की बात आई तो वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को बताया कि, लोक निर्माण विभाग के पास 6000 करोड़ का बजट तथा नगरीय प्रशासन विभाग के पास 5000 करोड़ का बजट उपलब्ध है, जिससे सड़कों को दुरूस्त करने का काम समयबद्ध सीमा में पूरा किया जा सकता है और अतिरिक्त मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि, निर्माण कार्यों में बजट कोई मुद्दा नहीं होता अर्जेंसी होने पर सरकार द्वारा वित्त विभाग से सहमति लेकर उपलब्ध कराया जाता है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने लोक र्निाण विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया है कि, लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए आरएफटी के अनुसार नए एसओआर पर गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न करते हुए टेंडर अपलोड कर दिया जाए और यदि किसी ने टेंडर अपलोड करने में बदमाशी की है तो, उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित भी किया जाए। सूत्रों का कहना है कि, मुख्यमंत्री ने इस बात को गंभीरतापूर्वक समझ लिया है कि, 2023 का विधानसभा चुनाव सड़कों पर उतरकर गड्ढों को पाटकर बिजली, पानी की व्यवस्था को दुरूस्त करते हुए ही जीता जाएगा। हमारी इस संडे डायरी का लब्बोलुआब यह है कि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस के अभियान में किसी को नहीं छोडऩे वाले है, और यदि गोपाल भार्गव जैसे वरिष्ठ मंत्री भी विकास के मामले में सत्ता के दलालों के कारण छद्म राजनीति करेंगे तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। उल्लेखनीय है कि, मुख्यमंत्री के जनसेवा अभियान दौरो में लगातार भ्रष्ट एवं लापरवाह अधिकारियों के निलंबन उनकी इसी साफगोई का परिणाम है। रहा सवाल मध्यप्रदेश की 28000 कि.मी. सड़कों को दुरूस्त करके गड्ढे ठीक करने का तो इस विषय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान निकट भविष्य में बहुत बड़ा फैसला यदि ले ले तो चौंकिएगा मत….।