सर्दी सह नहीं सकते तो तबादला ले लिया कलेक्टर ने

मध्यप्रदेश में मुरैना जिला भौगोलिक रूप से ऐसे स्थान पर स्थापित है जहां गर्मियों में पारा 48 डिग्री तक चढ़ जाता है, लेकिन वहीं पारा सर्दियों में नव्बर, दिस्बर और जनवरी के महीनें में 3 डिग्री तक उतर जाता है। मुरैना के क्लाइमेट से परेशान एक युवा आईएएस अधिकारी ने अपना तबादला करवा लिया। सूत्रों के अनुसार मुरेना के तत्कालीन कलेक्टर बी. कार्तिकेयन को कलेक्टर के रूप में पदस्थ हुए ब-मुश्किल एक वर्ष भी नहीं हुआ था, लेकिन शारीरिक रूप से वे इतने नाजुक निकले कि, मुरैना का क्लाइमेट उन्हें शुट ही नहीं किया, समझा जाता है कि बी. कार्तिकेयन ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से गुहार लगाई, और फिर असहनीय ठंड के डर से अपना तबादला करवा लिया। मुरैना प्रशासन में पदस्थ एक युवा कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, मध्यप्रदेश में तो सभी अंचल ऐसे है, जहां गर्मी में व्यापक गर्मी और ठंड में व्यापक ठंड का सुख भोगना पड़ता है। इसलिए बी. कार्तिकेयन साहब को परमानेंट भोपाल में ही रहना चाहिए। उपरोक्त विषय के बारे में जिनको जानकारी नहीं होगी वे तो बेचारे बी. कार्तिकेयन के तबादलें को भ्रष्टाचार का कारण बता सकते है, जबकि ऐसा नहीं है…। संदीप नैपोलियन