नेशनल रेसलर नाबालिग ‘सारा हक’ को पुलिस ने आज माँ-बाप को सौंप दिया खेलेगा इंडिया तो खिलेगा इंडिया यशोधराराजे सिंधिया ने कहा लेकिन…

बड़ी-खबर: संदीप नेपोलियन
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, यशोधराराजे सिंधिया के लिए दो बड़ी घटनाएं महत्वपूर्ण है, जिसमें एक घटना को लेकर यशोधराराजे सिंधिया मध्यप्रदेश की पुलिस टीम से बेहद संतुष्ट है तो दूसरी घटना स्टेडियम में हुई आज खेलो इंडिया यूथ की समीक्षा को लेकर उनके नाराजगी भरे तेवर चर्चा का विषय बनी हुई है। ‘राष्ट्रीय हिन्दी मेलÓ के इस प्रतिनिधि की पड़ताल के अनुसार 9 नव्ब्ार 2022 को भगाई गई नेशनल रेसलर नाबालिग सारा हक को मध्यप्रदेश पुलिस ने हरियाणा दिल्ली में लगातार 30 दिन तक तलाशी अभियान चलाने के बाद उसे बरामद कर लिया है और आज सारा हक को पुलिस ने उसके माँ-बाप के हवाले कर दिया है, राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि को पुलिस उपायुक्त नागेन्द्र पटैरिया ने बताया कि, नाबालिग लड़की सारा हक जो कि नेशनल रेसलर है उसे बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने वाले नवीन नाम के युवक ने गैर कानूनी ढंग से सारा हक से निकाह कर लिया था, अब उसके खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धाराओं के अनुसार अपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिए गए है और कड़ी से कड़ी कार्रवाई भी की जायेगी। पटैरिया के अनुसार सारा हक को वापस अपने कब्जे में लेने के लिए पुलिस को हरियाणा दिल्ली में रहना पड़ा तब जाकर उन्हें यह बड़ी सफलता मिली है और कल सारा हक को उसके माँ-बाप के हवाले करते हुए अपनी कार्रवाई कर दी है इसके अंतर्गत सारा हक को भगाने में जिन लोगों ने मदद की थी उनकों भी पुलिस कानून के अंतर्गत सजा जरूर दिलवाएगी। पुलिस उपायुक्त पटैरिया ने यह भी बताया कि, नवीन नाम के जिस लड़के ने सारा हक को भगाया था, उसने अपने बचाव के लिए गैर कानूनी ढंग से धर्म परिवर्तन किया है और गैर कानूनी ढंग से धर्म परिवर्तन करना बड़े अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस कानून के अंतर्गत धर्म परिवर्तन के लिए बनाये गये प्रावधान का विस्तारपूर्वक अध्ययन करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि, उक्त हिन्दु लड़के के द्वारा सारा हक को भगाने का जो कांड किया गया है, उसमें क्या-क्या अपराध कायम किये जा सकते है, पुलिस धाराओं के अंदर संज्ञान ले लिया है, क्योंकि वह हिन्दु लड़का विवाहित था, और पहली पत्नी को बिना तलाक दिए वह दूसरा विवाह भी नहीं कर सकता था। पटैरिया ने बताया कि इस कांड में भिन्न-भिन्न तरीके से अपराधों को अंजाम दिया गया है, इसकी विवेचना की जा रही है, लेकिन पुलिस किसी भी अपराधी को नहीं बख्शेगी। इधर खेल एवं युवा मंत्री श्रीमती यशोधराराजे सिंधिया आज राजधानी के स्टेडियम में खेलो इंडिया यूथ की समीक्षा के दौरान तैयारियों के लेकर पहले की तुलना में कम नाराज दिखाई पड़ी, लेकिन खेल संचालक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रवि गुप्ता के समक्ष इस बात का जिक्र करने में नहीं चुकी कि, खेलो इंडिया यूथ में जब खेलेगा इंडिया तो खिलेगा भी इंडिया, इसलिए वे तैयारियों की कमियों को जल्द से जल्द दूर करले वरना लापरवाही के खिलाफ वह किसी भी सीमा तक जा सकती है। इसी बीच यशोधराराजे सिंधिया ने एक दो कोच को लेकर भयंकर नाराजगी जताई और कहा कि, मध्यप्रदेश की पुलिस को शाबाशी देनी चाहिए क्योंकि उन्होंने 15 वर्ष की नाबालिग रेसलर को कम से कम उसके माता-पिता के पास पहुंचा तो दिया। इस बड़ी-खबर का लब्बोलुआब यह है कि, नाबालिग नेशनल रेसलर सारा हक के भोपाल वापस लाने की सफलता को लेकर खेल एवं युवा मंत्री बेहद संतुष्ट नजर आई तो दूसरी और खेलो इंडिया यूथ की तैयारी को लेकर वे अभी भी पुरी तरह संतुष्ट नहीं है…।