विदेशी प्रतिनिधियों को गाईड करने के लिए कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर ने सिपाहियों को भी अंग्रेजी बोलना सिखाया…

मध्यप्रदेश में व्यवसायिक राजधानी इंदौर वैसे तो कई बार, कई साल ग्लोवल इन्वेस्टर्स समिट के लिए अपनी ख्याति अर्जित कर चुका है, लेकिन पहले की तरह इस बार के ग्लोवल इन्वेस्टर्स समिट में अथवा प्रवासी भारतीय सम्मेलन में पुलिस और जिला ग्रशासन की व्यवस्थाओं को देखकर सबकी आँखे चौंधियां गई। और तो और व्यवस्थाओं को लेकर और प्रशासन के व्यवहार को लेकर पूर्व ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिटों में जिस तरह की शिकायतें पाई जाती थी वैसी इस बार बिल्कुल ही नहीं देखी गई, जो कुछ थोड़ा बहुत सोशल मीडिया में आया. उसे आप शिवराज सरकार के खिलाफ एक प्रायोजित कार्यक्रम मान सकते है; क्योंकि शिकायत .00001 प्रतिशत से ज्यादा तो दिखी भी नहीं। “राष्ट्रीय हिन्दी मेल” की पड़ताल में अद्भुत नजारा देखने को मिला वह यह था, जिसे सुनकर और पढ़कर कोई भी रोमांचित हो उठेया। बता दें कि ग्लोवल इन्वेस्टर्स समिट में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की हर पल हर प्रतिनिधि के प्रति जिम्मेदारी जबरदस्त थी। हॉस्पिटेलिटी को लेकर और सुरक्षा व्यवस्था में दी गई जिम्मेदारियों को लेकर पटवारी और पुलिस के सिपाही तक अंग्रेजी बोल रहे थे। हमने अपनी आँखो से देखा ताइवान और युगांडा के कुछ डेलीगेट जब पुलिस वालों से अपने प्रवेश पत्र के बारे में जानकारी ले रहे थे तो वे बेचारे सब के सब हाथ जोड़-जोड़कर देखे गए “सर प्लीज कम टू दिस सा्ईड दैट ड़ज द्‌ गेट नंबर वन, देट इज द गेट नंबर 2 सर एनी प्रॉबलम प्लीज टेल अस’ और ऐसा कहते कहते उन्हें कन्वेंसन ग्रेंड हॉल तक पहुंचाना और सम्मानपूर्वक उन्हें उनकी जगह पर बैठाना एक अद्भुत नजारा था। उपरोक्त व्यवहार और शासकीय कर्मचारियों के एटिट्यूट को लेकर जब ड्यूटी में लगे कर्मचारियों से विस्तार में बात की तो पता चला कि इंदौर के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारि मिश्रा तथा कलेक्टर टी. इलैयाराजा ने जीआईएस शुरू होने से पहले सभी शासकीय कर्मचारियों को जिन्हें ड्यूटी पर लगाया गया था, जिन्हें प्रोटोकाल का काम सौंपा गया था उन्हें बकायदा प्रशिक्षण दिया और समझाया कि विदेशी प्रतिनिधियों तथा पूंजी निवेशकों के साथ किस तरह बिना तनाव में रहे बेहतर से बेहतर व्यवहारकुशल होकर कार्य करना है। समझा जाता है कि टी. इलैयाराजा ने अपने एडीएम अजय देव शर्मा के सभी एसडीएम को टास्क इस बात का दिया था कि वे सुनिश्चित करें कि किसी भी विदेशी हो या भारतीय डेलीगेटो को कोई भी परेशानी ना हो। ठीक इसी तरह पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारि मिश्रा ने सुरक्षा में लगे अपने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त से लेकर जितने उपायुक्त है तथा बाहर से जितनी पुलिस फोर्स आई है उन सभी के साथ उन्होंने लगातार मॉक ड्रिल की। इसका यह परिणाम था कि आज चप्पे-चप्पे में हर सिपाही अंग्रेजी बोलकर इंदौर का गौरव तो बढ़ा भी रहा है साथ में पूँजी निवेशकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका भी निभा रहा है । -खबरची