जिन्होंने प्रवासी भारतीयों को घर में ठहराया, ‘इंदौरी व्यंजन’ चखाया उनके साथ शिवराज करेंगे ‘इंदौरी-डिनर’ आज

संडे डायरी: विजय कुमार दास (मो. 9617565371)
मध्यप्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में 8, 9 और 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय स्मेलन में जहां एक और प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी मुख्य अतिथि की आसंदी पर इंदौरी भोजन के स्वाद का जिक्र करते हुए थक नहीं रहे थे वहीं दूसरी ओर प्रवासी भारतीयों के स्वागत में पलक पांवड़े बिछाकर इंदौर के जिन परिवारों ने प्रवासी भारतीयों को अपने-अपने घरों में ठहराया, इंदौरी भोजन का लुफ्त उठाने का उन्हें मौका दिया, अब ऐसे परिवारों से मिलने आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर पहुंच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इंदौर के लगभग 100 परिवार ऐसे निकले जिन्होंने प्रवासी भारतीय स्मेलन को सफलता के शिखर तक पहुंचाने में अद्भुत भूमिका निभाई, और अपने घरों में उन्हें ठहराकर सुबह- शाम, दोपहर-रात इतनी सेवा की है, जिसका उल्लेख करना और उसे रेखाकिंत करना भी मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है। बता दें कि जिन प्रमुख लोगों ने प्रवासी भारतीयों के लिए ‘बेस्ट- होस्ट’ काम किया था उनमें अनूप अग्रवाल, महेश गुप्ता, बीके झंबर, मौसम शाह, किशोर जायसवाल, प्रकाश अजमेरा, विनीत जैन, विज्ञा पाटनी, धीरज लुल्ला, डॉ.मनीष पटेल, संदीप कनिका चैनानी, मयंक पाटीदार, अनिल मदान, आशीष गोयल, विकास गुप्ता, राजेश मुंगड, विनय अग्रवाल,अनूप कटारिया, अशोक बडज़ात्तया, डॉ.अनिल भंडारी, सुरेश भदौरिया तथा रश्मि आहुजा कुछ ऐसे नाम है जिन्होंने प्रवासी भारतीयों को अपने-अपने अशियाने में ठहराकर परिवार सहित उनका दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। आज इन्हीं परिवारों के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर पहुंचकर इंदौरी-डिनर का लुफ्त उठाने वाले है और इंदौर को यह भरोसा दिलाने की कोशिश करेंगे कि इंदौरियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तथा भारतीय प्रवासी स्मेलन को दिया गया योगदान बेकार नहीं जायेगा। यहां इस संडे डायरी में यह उल्लेख करना गलत नहीं होगा कि इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खांटी संघी ने बढ़-चढ़ कर इंदौरियों को प्रवासी भारतीयों के स्वागत रेड कारपेट बिछाने का मूल मंत्र सिखाने में अहम भूमिका निभाई थी और इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार देव कुंडल ने बताया कि देश में इस तरह का यह पहला आयोजन था और पहला प्रयोग भी था जो ऐतिहासिक रूप से सफल हुआ इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ज्मिेदारी इंदौर के प्रति बढ़ जाती है। इस संडे डायरी का लब्बो लुआब यह है कि भारतीय प्रवासी स्मेलन की सफलता केवल देश और प्रदेश की सफलता नहीं है, इसमें इंदौरियों का हाथ सबसे बड़ा है यह मान लेने में मुख्यमंत्री को संकोच नहीं है। लेकिन यह लिखने में भी संकोच नहीं है कि शिवराज जी इस तरह के सकारात्मक भाव उस मीडिया की तरफ आपकी तरफ से उमड़ जाये जिन्होंने भारतीय प्रवासी स्मेलन और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को सफलता के शिखर तक पहुंचाने मे कोई कसर नहीं छोड़ी है तो आप मान लीजिए 2023 के चुनावी साल में भाजपा के लिए नहीं बल्कि एक करोड़ से अधिक बेरोजगारों के लिए भविष्य के दरवाजे खोल जायें तो चौंकिएगा मत।