कमलनाथ ने पुलिस को धमकाया सुन लो पुलिस वालों 8 महीने बाद लेंगे हिसाब

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ अपने आप को अभी भी केन्द्रीय मंत्री अथवा मुख्यमंत्री से कम नहीं आंकते। कांगे्रस के कार्यकर्ता 15 महीने की सरकार जाने के बाद ठगा- ठगा सा महसूस कर रहे हैं, और कमलनाथ अपनी जिद के चलते पर्परागत पुराने सभी कांग्रेसियों को पदाधिकारियों की सूची से बाहर कर दिया है। हाव-भाव में घमंड का आकार इतना बड़ा है कि कमलनाथ के सामने पुलिस वाले बेचारे उनकी सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहने के बाद भी गालियां खा रहे है। मध्यप्रदेश का एक बार फिर आखरी बार मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने वाले वयोवृद्ध नेता 75-76 वर्ष के कमलनाथ अब पुलिस वालों पर गरज रहे है, जबकि वे जानते हैं, यदि पुलिस ना हो तो जनता किसी नेता को नहीं पूछती। फिर भी कल निवाड़ी के पृथ्वीपुर में कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रदेश की शिवराज सरकार निरंतर झूठे वादे कर रही है और इनके पास पुलिस, पैसा और प्रशासन के दबाव में लोगों को परेशान किया जा रहा है, जिसका आठ माह बाद हर बात का हिसाब लिया जाएगा। कमलनाथ के उपरोक्त बयान पर आज मीडिया में सवाल उठने लगे है कि क्या ई-सिगरेट के कारण कमजोर होते हुए मध्यप्रदेश में कमलनाथ, कांग्रेस के लिए आखरी कील ठोककर ही चैन से छिंदवाड़ा में बसेंगे? और तो और 5वीं बार भाजपा की सरकार को बनाने में कमलनाथ का यह अहंकार भरा योगदान पुलिसवालों की मदद से सार्थक हो जायेगा, तो चौंकिएगा मत। खबरची