कलेक्टर अलर्ट, विधानसभा 2023 महाकौशल को साधने का अभियान है बीस साल बाद जबलपुर में 26 जनवरी को झंडा फहराएंगे मुख्यमंत्री

जबलपुर से विशेष रिपोर्ट: क्मलेश शर्मा (मो. 9424604455)
मध्यप्रदेश में जबलपुर जिसे सनातन काल से संस्कारधानी के रूप में जाना जाता रहा है, विकास के मामले में नेतृत्व विहीन होने के दुर्भाग्य से यह जिला और यह शहर इंदौर की तरह ना तो ओद्यौगिक क्रांति कर पाया है और ना ही स्वच्छता जैसे राष्ट्रीय संकल्पों में कभी प्रथम स्थान आने की कोशिश की है। यही कारण है कि, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में जबलपुर से कटनी का मार्ग 7 घंटे में पूरा होता था और बिजली का तो मुख्यालय होते हुए भी जबलपुर को आधे समय अंधेरे में गुजारना पड़ता था। यूं कहा जाए कि, जबलपुर न्याय की नगरी होते हुए भी पूरा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में सालों से लंबित है, प्रकरणों में फैसले के लिए आज भी तरस रहा है। जहां तक जबलपुर शहर का मामला है, अब बड़ी मुश्किल से बड़ागाँव कहलाने के तंज से उबरने की स्थिति में कुछ युवा आईएएस अधिकारियों की मेहनत से आसमान छूने की कोशिश कर रहा है। किसी जमाने में यहां संजय दुबे कलेक्टर थे, तो जबलपुर विकास के मामले में 100 कदम पीछे होता था और जमीनों के नामांतरण में आंधी-तूफान की तरह फाइलें निपटा दी जाती थी, इसलिए तब से जबलपुर बड़ागाँव बनकर ही रह गया था। परन्तु जब से भारत यादव जैसे जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा जैसे समझदार आईएएस अधिकारी के बाद आए टी इलैयाराजा और अब युवा कलेक्टर सौरभ सुमन ने जबलपुर के विकास के लिए जो रोड मैप तैयार किया है, उससे यह माना जाता है कि, इंदौर की बराबरी करने के लिए जबलपुर तैयार है। रिंग रोड और फ्लाई ओवर में सैकडों शिकायतों का निराकरण करके जबलपुर के रोड मैप को सुदृढ़ बनाने के संकल्प के पीछे यह बात भी समझ में आने लगी है कि, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाकौशल को 2023 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर जोड़ लिया है। बता दें कि, 2002 के बाद मतलब 20 वर्षों बाद कोई मुख्यमंत्री गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने जबलपुर आ रहे है और वह भी 48 घंटो के लिए, मतलब स्पष्ट है कि, जबलपुर से मुख्यमंत्री 2023 के विधानसभा चुनाव जीतने का लक्ष्य महाकौशल से ही साधने का संकल्प लेंगे। सूत्र बताते है कि, आज से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जबलपुर में लगभग 3 दर्जन कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे, जिसमें प्रतिपल वे कभी अधिकारियों से, तो कभी जन-प्रतिनिधियों से जबलपुर के विकास को लेकर निर्णायक चर्चाओं में व्यस्त होंगे। ‘राष्ट्रीय हिन्दी मेल’ के इस प्रतिनिधि की पड़ताल में यह पता चला है कि, जबलपुर के जिला कलेक्टर सौरभ सुमन, मुख्यमंत्री के इरादे से अलर्ट हैं और सभी विभागों में किसी भी कमी को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। सूत्रों का यह भी कहना है कि, 26 जनवरी को मुख्यमंत्री की विजिट खाली ना जाए और उनके इरादे को ध्यान में रखते हुए, वे सारे प्रस्ताव तैयार कर लिये जाए, जिससे जबलपुर को फायदा तो होगा ही, लेकिन जैसा कि, अनुमान है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को महाकौशल की सभी सीटों पर विजय हासिल करने के लिए तथा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के छिंदवाड़ा गढ़ को भेदने के लिए, इस दौरे शंखनाद करेंगे ऐसा हो जाए तो चौंकिएगा मत…।