जन-मानस में सरकार एवं राजनेताओं के प्रति विश्वास कायम करने में सफल रहे शिवराज: उमाशंकर गुप्ता

मध्यप्रदेश के जननायक शिवराज सिंह जी चौहान के जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। देश की राजनीति में अविश्वास एवं निराशा के वातावरण में शिवराज जी मुख्यमंत्री के रूप में अपनी कार्यशैली, प्रदेश के विकास के प्रति संकल्प एवं गरीबों तथा किसानों की जिन्दगी बदलने की प्रतिबद्धता से जनमानस में सरकार एवं राजनेताओं के प्रति विश्वास पैदा करने में सफल हुए हैं। 2003 में भारतीय जनता पार्टी को एक बीमारू राज्य के विकास की चुनौती मिली थी। सामान्य जन यह मानता है कि 2003 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के जनमानस में कांग्रेस के प्रति आक्रोश की पराकाष्ठा थी। इस आक्रोश के कारण भी पर्याप्त थे। न सड़क, न बिजली न पानी, किसान, कर्मचारी, व्यापारी, उद्योगपति सभी निराश एवं परेशान थे। प्रदेश के तत्कालीन मुखिया दिग्विजय सिंह सार्वजनिक रूप से कहते थे कि चुनाव विकास से नही जीते जाते हैं।
जनता ने बड़े विश्वास के साथ भारतीय जनता पार्टी को भारी बहुमत से जिताया। कुल 230 सीट में भाजपा को 173 सीट (वोट का प्रतिशत 44.83) प्राप्त हुआ तथा कांग्रेस को 38 सीट के साथ 36.38 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए । संभवत: यह कांग्रेस के प्रति आक्रोश के कारण न्यूनतम समर्थन का स्तर था। सुश्री उमा भारती, बाबूलाल गौर के बाद शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की बागडोर संभाली । प्रदेश के राजनैतिक गलियारे में असमंजस था। भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता में भी यह भय था कि एक दुबला पतला नौजवान जिसके पास कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं है। कैसे इन समस्याओं से निपटकर बदहाल प्रदेश का विकास कर पाएगा, किसानों की हालात सुधार पायेगा, गरीबों का कल्याण कर पाएगा। प्रदेश की कानून व्यवस्था संभाल पायेगा क्योंकि देश में होने वाली किसी भी आतंकवादी घटना के तार किसी न किसी रूप में मध्यप्रदेश से जुड़े पाये जाते थे।
डाकू समस्या से भिण्ड, मुरैना, सतना क्षेत्र आतंकित था। बालाघाट, मण्डला आदि में नक्सलवादी गतिविधियों से संचालित थी। शिवराज सिंह चौहान को विद्यार्थी के समय से जो जानते थे उनके मन में कहीं ना कहीं यह विश्वास था कि यह दृढ़विश्वासी, संकल्पवान, मेहनती, ईमानदार एवं संवेदनशील नौजवान कुछ ना कुछ करिश्मा कर दिखाएगा। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता, पदाधिकारी के रूप में युवा मोर्चा के कार्यकर्ता पदाधिकारी के रूप में तथा बाद में भाजपा के पदाधिकारी, विधायक एवं सांसद के रूप में कार्य करते समय उन्होंने अपनी एक छाप छोड़ी थी। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्य उनके जीवन का एक टर्निंग प्वाइंट था।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में भी उन्होंने अपनी मेहनत एवम् कार्य पद्धति से सबके मन में विश्वास पैदा किया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद 2005 से 2008 में उन्होंने जनता के सामने प्रशासन की एक नई तस्वीर जनता के सामने रखी। लोगों के मन में एक विश्वास जमाने में सफल हुए। विभिन्न वर्गों की पंचायत ने प्रजातंत्र की उस परिभाषा को मूर्त रूप प्रदान किया जनता की, जनता के लिए ,जनता के द्वारा। 2008 के चुनाव तक शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की समस्याओं के कारणों की तह तक पहुंचे एवं उनके निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर चुके थे।
2003 का चुनाव भाजपा ने विकास के मुद्दे पर लड़ा था और संभवत: देश की राजनीति में संभवत: पहली बार कोई राजनैतिक दल सरकार में आने के बाद दुबारा उसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने का साहस कर एक नया इतिहास रच रही थी। 2003 के वायदे एवं उन पर किए गए काम एवं आगे के विकास का मुद्दा लेकर भाजपा में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव में उतरी और पुन: उसे जनता का विश्वास 143 सीट्स एवं 36.81 प्रतिशत वोट के साथ मिला । कांग्रेस को 71 सीट एवं 36.04 प्रतिशत वोट मिला। 2008 एवं 2013 का पूरा कार्यकाल शिवराज सिंह चौहान को मिला एवं प्रदेश के विकास ने उड़ान भरी। किसान कल्याण, महिला कल्याण, गरीबों की राहत के अनेक कल्याणकारी कार्यों के साथ ही कृषि उत्पादन में कृषि कर्मण पुरस्कार, सफल इन्वेस्टर्स समिट जैसे अनेक कार्यक्रमों से प्रदेश के विकास को पंख लग गए तथा किसान गरीब एवं महिला कल्याण के कार्यों से प्रदेश ने देश में एक नया इतिहास रचा। पुन: 2013 में भाजपा फिर से विकास एवं गरीब कल्याण के एजेडें के साथ चुनाव के मैदान में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरी अपने कार्य के बदले 165 सीट्स एवं 44.87 प्रतिशत वोट प्राप्त कर तीसरी बार सरकार बनाने में सफल हुई है। नयी ऊर्जा ओर विश्वास के साथ शिवराज जी ने कार्य करना प्रारंभ किया और चुनावी वायदों को पूरा करने तथा प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को सिद्ध करने में लगे हुए हैं। प्रदेश तेज गति एवं विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। किसान कल्याण, गरीब कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण के ऐतिहासिक कार्य शिवराज जी की संवेदनशीलता के कारण लिए गए निर्णयों से गरीबों का जीवन-स्तर सुधर रहा है। किसान की आय दोगुनी करने के दृढ़ संकल्प को पूरा करने में पूरे जी-जान से लगे मुख्यमंत्री जी को सफलता अवश्य प्राप्त होगी।
2013 से 2018 के बीच हुए 14 विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को 9 में सफलता मिली है। कांग्रेस भाजपा की कोई सीट नहीं जीत पाई है। वर्तमान में हुए चार उपचुनाव अटेर, चित्रकूट, कोलारस एवं मुंगावली में कांग्रेस अपनी सीट बचाने में कामयाब रही है किन्तु भाजपा ने अपने 2013 के वोटों में काफी इजाफा किया है। सभी तथ्यों से अनभिज्ञता की स्थिति में इन चारों कांग्रेस की सीट जो 2013 में भाजपा लहर में भी कांग्रेस ने जीती थी उनको भाजपा द्वारा न जीत पाने पर भी भाजपा के वोट प्रतिशत में काफी वृद्धि हुई है। कुछ बुद्धिजीवी लोग इसे सरकार के प्रति नाराजगी बता रहे हैं किन्तु उपरोक्त तथ्यों की अनदेखी कर रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि उपचुनावों में भाजपा की सीट्स एवं वोटों के प्रतिशत में वृद्धि ही हुई है। प्रदेश के उपचुनावों में बसपा चुनाव नहीं लड़ती हैं, जिसका फायदा कांग्रेस को ही मिलता है। यहां हमें यह भी ध्यान में रखना होगा कि 2003 कांग्रेस के प्रति सर्वाधिक आक्रोश के वर्ष में भी कांग्रेस को 31.61 प्रतिशत वोट प्राप्त हुआ था जो उसके लिए न्यूनतम है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान एवं निकाह योजना, मुख्यमंत्री मेघावी छात्र योजना, अन्न्पूर्णा योजना, भावांतर योजना ने देश भर में ख्याति प्राप्त की है। कई प्रदेश मध्यप्रदेश का अनुसरण कर रहे हैं। प्रत्येक वयस्क का आवास गारण्टी अधिनियम, नाबालिग बेटियों के दुष्कर्मी को फांसी की सजा का कानून बनाने का श्रेय भी शिवराज सिंह के खाते में जाता है। अत: निश्चित ही श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में सरकार जहां निरंतर प्रदेश के विकास का नया इतिहास रच रही है, वहीं गरीब एवं किसान कल्याण के प्रति संकल्प के साथ काम कर रही है और निश्चित ही 2018 में भी भाजपा शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त कर प्रदेश को देश का नम्बर एक राज्य बनाने में सफल होगी। शिवराज सिंह जी को जन्म-दिन की बधाई। वे स्वस्थ रहें तथा प्रदेश की सेवा इसी प्रकार करते रहें। ऐसी शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं।